आज की खगोलीय तस्वीर
सौरमंडल के पिंड गहरे अंतरिक्ष अन्वेषण को अधिक ईंधन-कुशल बनाते हैं! आज का वीडियो दिखाता है कि साइकी अंतरिक्षयान मई 2026 में मंगल से प्राप्त गुरुत्वाकर्षण सहायता के कारण न्यूनतम ईंधन खर्च करके गति बढ़ा रहा है और अपनी कक्षा बदल रहा है। मंगल का सूर्य के चारों ओर औसत कक्षीय वेग लगभग 87,000 किमी/घंटा (54,000 मील/घंटा) है। इसकी कक्षीय गति और गुरुत्वाकर्षण ने मंगल को साइकी को अपने साथ खींचने में मदद की, जिससे अंतरिक्ष यान की गति बढ़ गई। 1959 के लूना 3 मिशन से ही गुरुत्वाकर्षण सहायता का उपयोग किया जाता रहा है, ताकि अंतरिक्ष यान (वॉयेजर्स, कैसिनी) केवल ईंधन से जितनी दूरी तय कर सकते थे, उससे कहीं अधिक दूरी तय कर सकें। इस सहायता ने साइकी अंतरिक्ष यान को साइकी क्षुद्रग्रह तक की अपनी यात्रा में मदद की, जहाँ यह 2029 में पहुँचेगा। मंगल से गुजरते समय, अंतरिक्ष यान ने उन उपकरणों का परीक्षण किया जो क्षुद्रग्रह की संरचना और चुंबकीय क्षेत्र का विश्लेषण करेंगे। यह किसी ऐसे क्षुद्रग्रह के लिए पहला मिशन है, जिसे मुख्यतः धातु से बना माना जाता है, जो ग्रहों के लिए एक आवश्यक निर्माण खंड है, न कि चट्टान या बर्फ से। अंधेरा आकाश खोजें और इस अगस्त में ऊपर देखें, चंद्रमा की बाधा के बिना पर्सीड उल्का वर्षा का साक्षी बनें!
